ICICI बैंक की पूर्व MD और CEO चंदा कोचर और उनके पति गिरफ्तार : CBI ने वीडियोकॉन लोन फ्रॉड केस में उठाया ये कदम

Videocon loan fraud case former icici bank ceo chanda kochhar and her husband deepak arrested by cbi – वीडियोकॉन लोन फ्रॉड केस में CBI ने ICICI बैंक की पूर्व MD और CEO चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर शुक्रवार को को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें तीन दिन की सीबीआई की रिमांड पर भेजा गया। चंदा कोचर पर बैंक की पॉलिसी और रेगुलेशन के खिलाफ जाकर वीडियोकॉन कंपनी को करोड़ों रुपए का लोन देने का आरोप है।

कैसे खुला ये ICICI बैंक और वीडियोकॉन मामला

कुछ समय पहले ICICI बैंक और वीडियोकॉन के शेयर होल्डर अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री, रिजर्व बैंक और सेबी को एक पत्र लिखकर वीडियोकॉन के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत और चंदा कोचर द्वारा एक-दूसरे को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था।

साथ ही इसमें वेणुगोपाल धूत की कंपनी वीडियोकॉन को 2012 में ICICI बैंक से 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया गया और इसके बदले धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की वैकल्पिक ऊर्जा कंपनी ‘नूपावर’ में अपना पैसा निवेश किया।

इस तरह आरोपों के बाद 59 साल की चंदा ने अक्टूबर 2018 में ICICI बैंक के CEO और MD के पद से इस्तीफा दे दिया था। सूत्रों के अनुसार वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत के चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के साथ व्यापारिक तौर पर अच्छे संबंध रहे। चंदा कोचर के पति दीपक कोचर पिनैकल एनर्जी के CEO हैं। और यह कंपनी भी वीडियोकॉन ग्रुप की मदद से ही बनी थी। वेणुगोपाल धूत ने दीपक कोचर की इसी कंपनी के जरिए मोटी रकम का हेरफेर किया।

पूरा मामला समझिए…किस तरह हुआ बड़ा हेरफेर

दिसंबर 2008 में वीडियोकॉन के एमडी वेणुगोपाल धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के साथ मिलकर एक कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड बनाई।

इस कंपनी में दोनों की बराबर पचास-पचास फीसदी की हिस्सेदारी थी और दीपक कोचर को इस कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया।

इसके बाद जनवरी 2009 में धूत ने न्यूपावर में डायरेक्टर का पद छोड़ दिया। और उन्होंने ढाई लाख रुपए में अपने 24,999 शेयर्स भी न्यूपावर में ट्रांसफर कर दिए।

फिर मार्च 2010 उन पर आरोप लगा कि धूत ने न्यूपावर कंपनी को अपने ग्रुप की कंपनी सुप्रीम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए 64 करोड़ रुपए का लोन दिया।

इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस की खबर में अप्रैल 2012 खुलासा किया गया कि वीडियोकॉन ग्रुप की पांच कंपनियों को अप्रैल 2012 में 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया गया था। पर यह ग्रुप ने इस लोन में से 86% यानी 2810 करोड़ रुपए नहीं चुकाए। इसके बाद लोन को 2017 में एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग असेट्स) घोषित कर दिया गया।

सितंबर 2012: पुंगलिया ने धूत से मिली सुप्रीम एनर्जी कंपनी की हिस्सेदारी दीपक कोचर की अगुआई वाले पिनैकल एनर्जी ट्रस्ट के नाम कर दी।

यहां पर ध्यान देने की बात ये है कि 94.99 फीसदी होल्डिंग वाले शेयर्स महज 9 लाख रुपए में ट्रांसफर कर दिए गए। इस तरह सुप्रीम एनर्जी से मिले 64 करोड़ रुपए के लोन के मायने नहीं रह गए।

ED ने 3 साल पहले चंदा कोचर की 78 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी

शायद आपको याद हो कि ED ने 3 साल पहले चंदा कोचर की 78 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की थीं। जिसमें उनका मुंबई का घर और उनसे जुड़ी कंपनी की संपत्तियां शामिल थीं।

साथ ईडी के अधिकारियों ने हमारे मीडिया सूत्रों को बताया था कि कोचर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई के लिए वारंट जारी किया गया था। और इसके तहत ही कोचर के मुंबई स्थित फ्लैट और उनके परिवार से संबंधित एक कंपनी की संपत्तियों को जांच एजेंसी ने अटैच किया था।

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