भारतीय नर्स विदेश में जाकर लाखों कमायें, इंडियन डॉक्टर्स से ज्यादा सैलरी मिलेगी, भारत में 24 लाख और विदेश में 7 लाख नर्स की डिमांड

ब्रिटेन में नर्सिंग स्टाफ का वेतन बढ़ाने के मुद्दे पर नर्स हड़ताल पर चली गयी हैं। इस हड़ताल में 15 दिसंबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) से जुड़ीं लाखों नर्स शामिल हुईं और ब्रिटेन की नर्सिंग यूनियन ‘रॉयल कॉलेज ऑफ नर्सिंग’ की नर्सों ने भी 20 दिसंबर से इस हड़ताल में शामिल होने की बात कही। इस हड़ताल के लिए नर्सों की डिमांड है कि नर्सिंग स्टाफ का वेतन कम से कम 19% बढ़े लेकिन सरकार 5% तक सैलरी बढ़ाने पर ही राजी है।

नर्सिंग प्रोफेशनल में नर्स कई घंटों तक दिन-रात बिना थके, बिना रुके मरीजों की सेवा करती हैं लेकिन भारत जैसे देशों सैलरी बहुत कम मिलती है। वहीं, नर्सिंग प्रोफेशन को सोसायटी चाहे नोबेल प्रोफेशन माने लेकिन अपने बच्चों को पेरेंट्स डॉक्टर बनाने का सपना ज्यादा देखते हैं।

जिंदगी और मौत से जूझ रहे मरीज की 24 घंटे सेवा नर्स ही करती है। विदेशों में भारतीय नर्सों के काम की ज्यादा मांग है। भारत में जहां केंद्र सरकार के अधीन आने वाले अस्पतालों में MBBS डॉक्टर की शुरुआती सैलरी 1 से 1.25 लाख रुपए महीने तक होती है तो विदेश जाकर भारतीय नर्सें इनसे ज्यादा कहीं ज्यादा कमा रही हैं।

भारत में नर्सों की सैलरी की शुरुआत 15 हजार रुपए से होती है

मीडिया सूत्रों के अनुसार नर्सिंग में शिफ्ट जॉब होती है। सुबह की शिफ्ट 7 से 4 बजे, शाम की 2 बजे से रात 10 बजे की और रात की शिफ्ट 9 बजे से सुबह 8 बजे तक की होती है। और शिफ्ट से करीब 1 घंटे पहले हॉस्पिटल पहुंचना होता है क्योंकि हैंडओवर लेना पड़ता है। हर मरीज की बीमारी, दवा, स्टेटस जानना और समझना होता है। और लगभग हर नर्स पर 6-8 मरीजों की जिम्मेदारी होती है। अब अगर इनकी सैलरी की बात करें तो फ्रेशर को केवल 15 हजार रुपए मिलते हैं। 5-6 साल के अनुभव के बाद सैलरी 30 हजार तक पहुंच पाती है।

भारत की ट्रेंड नर्सों की विदेशों में है भरी डिमांड

भारत की ट्रेंड नर्सों की डिमांड विदेशों में बहुत है कुछ मुख्य देश ब्रिटेन, माल्टा, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड, फिनलैंड और सऊदी अरब हैं । दुनिया में फिलीपींस के बाद भारतीय नर्सें ही विदेशों में सबसे ज्यादा काम कर रही हैं। यानी भारत को नर्सों के विदेशों में जाकर काम करने के पीछे का कारण है ज्यादा सैलरी और साफ सुथरा लाइफ स्टाइल।

भारत में 24 लाख नर्सों की कमी, 7 लाख की विदेशों में डिमांड

FICCI और KPMG की एक रिपोर्ट एक अनुसार भारत में हर साल नर्सिंग स्कूलों में 2 लाख से ज्यादा नर्सिंग कोर्स की सीट निकलती हैं। पर इसमें ज्यादातर नर्स ट्रेनिंग के बाद विदेश चली जाती हैं। भारत के अस्पतालों को आज में 24 लाख नर्सिंग स्टाफ की जरूरत है। जबकि अभी भी लाखों भारतीय नर्सें विदेशों में काम कर रही हैं।

ओवरसीज डेवलपमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट प्रमोशन कंसल्टेंट (ODEPC) के अनुसार विदेशों में नर्सों की डिमांड सबसे ज्यादा एम्बुलेंस सर्विस, क्रिटिकल केस, मेंटल हेल्थ और गरिएट्रिक केयर सेक्टर में है।

भारत में ही हर नर्स को ओईटी (Occupational English Test) का एग्जाम के साथ ही ब्रिटेन के जिस किसी हॉस्पिटल में वह काम करेंगी, उसका इंटरव्यू भी इंडिया में होता है। पर शुरुआत में नौकरी हाथ में आने के बाद खुद एयर टिकट और वीजा का खर्चा उठाना होता है। हालाँकि ब्रिटेन पहुंचने और हॉस्पिटल जॉइन करने के बाद पहली सैलरी के साथ हवाई जहाज की टिकट और एग्जाम की पेमेंट वापस कर दी जाती है।

नर्सों की ब्रिटेन में सबसे ज्यादा हर महीने 2000 पाउंड की कमाई होती है पर वहां पर सबसे ज्यादा टैक्स भी देना पड़ता है करीब करीब 20% इनकम टैक्स जबकि दुबई में नहीं देना पड़ता कोई इनकम टैक्स। और साल में एक बार घर जाने के लिए फ्री वन वे फ्लाइट टिकट और 40 दिन की सालाना छुट्टी मिलती है।

दुबई में काम करने के लिए नर्सिंग में 3 साल की डिग्री, बेसिक लाइफ सपोर्ट सर्टिफिकेट और 2 साल का अनुभव होना जरूरी है। साथ ही दुबई में काम करने के लिए दुबई हेल्थ एसोसिएशन में रजिस्टर करना होता है।

विदेशों में नर्स की सालाना सैलरी

कनाडा44.22 लाख रूपये सालाना
अमरीका37.19 लाख रूपये सालाना
ब्रिटेन32.36 लाख रूपये सालाना
आयरलैंड26.89 लाख रूपये सालाना
दुबई18.78 लाख रूपये सालाना
सऊदी अरब17.08 लाख रूपये सालाना

इसलिए अगर आपको नर्सिंग का कोर्स करके विदेश में नौकरी करना है तो आपको एक ओईटी (Occupational English Test) देना होगा साथ ही जिस देश में नौकरी करना है वहां के हॉस्पिटल में इंटरव्यू देना होगा और उस देश की जो भी नर्सिंग की संस्था होगी उसमें अपने आपको रजिस्टर करना होगा। विदेश में जाकर जॉब करने और लाखों कमाने का सपना देखने वालों के लिए ये कोई कठिन काम नहीं है।

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